मुंबई | राजनीतिक डेस्क
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सियासी गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब यह जिम्मेदारी उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के कंधों पर आएगी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी जल्द ही विधायक दल की बैठक बुला सकती है, जिसमें सुनेत्रा पवार को गुट का नेता चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही उन्हें महाराष्ट्र का नया उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
🏛️ NCP के भीतर नेतृत्व संकट
अजित पवार की अगुवाई वाला एनसीपी गुट फिलहाल देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ महायुति सरकार का हिस्सा है।
वहीं, दूसरी ओर शरद पवार और सुप्रिया सुले का गुट कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विपक्ष में है।
अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है और दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं।
📂 खाली पड़े अहम मंत्रालय
अजित पवार के पास महाराष्ट्र सरकार में
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वित्त
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योजना
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राज्य उत्पाद शुल्क
जैसे अहम विभाग थे। इसके अलावा उनके पास खेल, युवा कल्याण और अल्पसंख्यक विकास का अतिरिक्त प्रभार भी था।
उनके निधन के बाद ये सभी मंत्रालय फिलहाल रिक्त हैं, जिससे सरकार और पार्टी—दोनों पर दबाव बढ़ गया है।
🤝 फडणवीस से मुलाकात, डिप्टी CM पद पर दावा
एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर पार्टी का दावा मजबूती से रखा।
प्रफुल पटेल ने कहा कि
पार्टी जल्द से जल्द इस रिक्त पद को भरना चाहती है, लेकिन कोई भी निर्णय जनता की भावनाओं और पवार परिवार से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी साफ किया कि महायुति गठबंधन का हिस्सा होने के नाते एनसीपी को जल्द निर्णय लेना होगा, लेकिन जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
🔍 Sunetra Pawar पर क्यों टिकी निगाहें?
पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि
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सुनेत्रा पवार का नाम
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पवार परिवार की विरासत
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और जनता की भावनाएं
इन तीनों को ध्यान में रखते हुए उन्हें नेतृत्व सौंपा जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी बैठक और परिवार से चर्चा के बाद ही होगा।
🌪️ विलय की अटकलें फिर तेज
अजित पवार के अचानक निधन से एनसीपी में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है। इससे शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट के साथ विलय की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
फिलहाल पार्टी का भविष्य, नेतृत्व और सत्ता में भूमिका—तीनों सवालों के घेरे में हैं।
🔚 निष्कर्ष
अजित पवार के बाद एनसीपी एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।
क्या सुनेत्रा पवार पार्टी और सरकार में नई भूमिका निभाएंगी,
या एनसीपी किसी और राजनीतिक रास्ते पर जाएगी—
इसका फैसला आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करेगा।
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